तुलसी के महान औषधीय गुणों को जानिये जिसका प्रभाव होता है चमत्कारिक


ऐसा पौधा जिसके गुण अनेक, जो वास्तुदोष को भी कर दे फेल…
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हिंदू धर्म में तुलसी की पूजा की जाती है. इसे सुख और कल्याण के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है. लेकिन धार्मिक महत्व के अलावा तुलसी को एक औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है. वेदों में भी तुलसी के गुणों एवं उसकी उपयोगिता का वर्णन मिलता है हिन्दू पुराणों में तुलसी जी को “विष्णु प्रिया” कहा गया है।

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तुलसी के पौधे की दो प्रधान प्रजातियाँ हैं एक है श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा दूसरी है कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं। हिंदू परिवारों मे इनको देवी माना गया है भगवान विष्णु के भोग मे इनका पत्ता जरूर रखा जाता है भारतीय संस्कृति में यह पूज्य है। हिन्दू पुराणों में तुलसी जी को “विष्णु प्रिया” कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक मास की देव प्रबोधिनी एकादशी को तुलसी विवाह के रूप में मनाया जाता है। इस दिन शालिग्राम और तुलसी जी का विवाह कराकर पुण्यात्मा लोग कन्या दान का फल प्राप्त करते है । तुलसी जी की नियमित पूजा से हमें सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

तुलसी का पौधा होने से घर का वातावरण पूरी तरह पवित्र और कीटाणुओं से मुक्त रहता है। सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी बीमारियों में तुलसी एक कारगर औषधि है

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