जानिए क्या थे आचार्य चाणक्य के सर्वश्रेष्ठ प्रेरक विचार


मौर्य साम्राज्य के संस्थापक आचार्य चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्‍यात है महापंडित आचार्य चाणक्य की ‘चाणक्य नीति’ में कुल सत्रह अध्याय है,ये विचार आपकी ज़िन्दगी बदल सकते हैं. इनमे साई कुछ इस प्रकार है।

    • जिस देश में लोग भूखमरी का सामना कर रहे हो वहां हवन करने में घी तथा अन्न को जलाना राष्ट्रद्रोह के समान है।
    • संसार में न कोई तुम्हारा मित्र है न शत्रु | तुम्हारा अपना विचार ही, इसके लिए उत्तरदायी है।
    • दुष्ट पत्नी, झूठा मित्र, बदमाश नौकर और सर्प के साथ निवास साक्षात् मृत्यु के समान है।
    • कभी भी अपने राज़ दूसरों को मत बताएं. ये आपको बर्वाद कर देगा. ।
    • फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है. लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है।
    • दुनिए की सबसे बड़ी शक्ति नौजवानी और औरत की सुन्दरता है।
    • हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए, ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए ; विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं।
    • कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों. ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी।
    • भगवान मूर्तियों में नहीं है.आपकी अनुभूति आपका इश्वर है.आत्मा आपका मंदिर है।
    • शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है.एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पता है. शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है।
    • भाग्य उनका साथ देता है जो कठिन परिस्थितयो का सामना करके भी अपने लक्ष्य के प्रति ढृढ रहते है।
    • जो तुम्हारी बात को सुनते हुए इधर-उधर देखे उस आदमी पर कभी भी विश्वास न करे।
    • कोई भी शिक्षक कभी साधारण नही होता प्रलय और निर्माण उसकी गोद मे पलते है।

chanakya

  • कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ,इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें,तभी आगे बढें।
  • मनुष्‍य अच्छे कर्मो को करने से महान होता है न कि अच्छे कुल में जन्म लेने से।
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