कांग्रेस और बिपच्छी दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नाम सुन कर चौक जायेंगें आप


पछ और बिपच्छ दोनों पार्टियां अब जून में होने वाली राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज़ कर दी है , जहां बीजेपी अपने पत्ते बहुत संभल कर चल रही है वैसे ही बिपछि पार्टियों ने किसी दमदार चेहरे को लेकर मैदान में उतरने की ताक में हैं ताकि बीजेपी को धूल छठा कर २०१९ से पहले चित्त कर दिया जाये .
मीडिया आ रही लगातार ख़बरों के मुताबिक विपक्षी पार्टियां राष्ट्रपति चुनाव के लिए साझा उम्मीदवार करना चाहती हैं। इस कड़ी में विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी के पोते गोपालकृष्ण गांधी से संपर्क साधा है। गांधी ने खुद स्वीकार किया है कि कई विपक्षी दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाने के लिए उनसे बातचीत की थी, लेकिन अभी ये नहीं पता चल रहा है की गोपाल गाँधी इसके लिए कितने उत्सुक हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘बातचीत बेहद शुरुआती दौर में ही हुई थी और मुद्दे को लेकर विस्तार से कोई चर्चा नहीं हुई थी।’ इसकी कमान संभाली है लम्बे आरसे से राजनीती से दूर चलने बलि सोनिया गाँधी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने गांधी को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने के लिए गोपाल गाँधी से बातचीत की थी। अंग्रेजी अखबार के मुताबिक यह भी जानकारी सामने आ रही है कि इस मुद्दे पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार, शरद यादव और सीपीआई के सुधाकर रेड्डी और डी राजा के साथ गोपाल कृष्ण गांधी की बैठक भी हुई थी।

रिपोर्टों की मने तो विपक्षी दलों की तरफ से साझा उम्मीदवार की पहली पसंद गोपाल गांधी और दूसरा नाम पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार का है लेकिन कई विपक्षी दल मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में नहीं हैं।

गोपाल गांधी के नाम ख़बरों में तब आया था जब सीताराम येचुरी ने सोनिया गाँधी से मुलाकात कर उनके नाम का प्रस्ताव रखा था। कोंग्रस और अन्य बिपच्छी दल एक तीर से दो निशाने लगाने के फ़िराक में हैं, क्योँकि गोपाल गाँधी भी गुजरात से आते हैं और नरेंद्र मोदी भी गुजरात से ताल्लुक रखते हैं।

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